नाम - अलंकार आच्छा स्थान - चेन्नई *हाइकु* 1. छाई लालिमा शरमाया सूरज ओढ़े अम्बर ! 2. पीकर पीर बन जाते हैं "पीर" वे महावीर ! 3. नदी दुल्हन दूल्हा खारा सागर बेमेल रिश्ता ! 4. स्वाभिमानी हूँ ना दो मुझे बैसाखी मैं सामान्य हूँ ! 5. मेरी सीढ़ियाँ उनके पग मिले मैं सामान्य हूँ ! 6. चढ़ा है हक आरक्षण की भेंट मैं सामान्य हूँ ! 7. दक्षता सारी वोट बैंक पे वारी मैं सामान्य हूँ ! 8. बेटी ना आना, कोख में पल रहा, है कत्लखाना ! 9. तारों ने घेरा भीड़ से डरा चाँद छुपता फिरे ! 10. चाँद गायब सूना हुआ ललाट विधवा रात ! 11. चुनाव हुआ मास्क व टीके हारे जीता कोरोना ! 12. पालक माली लूट रहा बगिया छलित फूल ! 13. टूटी लहरें डूब रहा सूरज नीरव तट ! 14. गड़े पड़े हैं, हीरे मोती व पन्ने, पढ़ो तो पन्ने ! 15. खरीद रहा लकड़ी बेचकर वो ऑक्सीजन ! 16. काटे हैं वन खोजते ऑक्सीजन निज दुश्मन ! 17. शक्ति की चली चिकना यह अहं क्षमा फिसली ! 18. काला बाजार जीवितों का श्मशान गिद्धों का प्यार ! 19. क्षमा ले उड़ी क्रोध-मान के वस्त्र हिंसा उघड़ी ! 20. वीरों की शान कायर क्या करेगा क्षमा का दान ! क्रमशः ... ~ अलंकार आच्छा ...