हाइकु - एक परिचय हाइकु मूलतः जापानी काव्य विधा है, जिसको तीन पंक्तियों में 5+7+5 अक्षरों के साथ पूरा करना होता है। यानी मात्र सत्रह अक्षरों वाली तीन पंक्तियों में रचनाकार को अपनी पूरी बात कहनी होती है। हाइकु की प्रथम पंक्ति में विषय उठाया जाता है, दूसरी पंक्ति में उस से सम्बंधित अथवा असंबंधित बात कहके बात को आगे भी बढ़ाया जा सकता है, या फिर कंफ्यूजन भी पैदा किया जा सकता है। लेकिन तीसरी पंक्ति को इस तरह ट्विस्ट देना होता है कि पाठक के मन-मस्तिष्क में पहली-दूसरी पंक्ति के साथ पूर्णता लिए एक साफ तस्वीर आकार ले ले। हालांकि हाइकु में तुकांत की अनिवार्यता नहीं है, लेकिन अगर सहज तुकांत बने, तो इससे परहेज भी नहीं है। ध्यान देने योग्य बात है कि एक बड़े वाक्य को 5+7+5 अक्षरों में बांटकर 3 पंक्तियों में विभक्त करके लिख देना हाइकु नहीं होता है। हाइकु में उपरोक्त सारे नियमों के साथ-साथ काव्य तत्व का होना भी अत्यंत आवश्यक है, जिसको लिखकर समझाने की बजाए, स्वयं रचना करके ही अनुभूत किया जा सकता है। मेरे द्वारा रचित "हाइकु" आप सबको इस ब्लॉग के माध्यम से प्रेषित करूँगा। आप अपनी आलोचनात्मक टिप्प...
सुंदर, सार्थक रचना !........
ReplyDeleteMere Blog Par Aapka Swagat Hai.